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Showing posts from November, 2019

रीना का दादा-दादी रॉक बैंड

रीना जहां रहती थी, वहां हर कोई दुर्गा पूजा के उत्सव की तैयारी में लगा था। रीना के बड़े भैया का तो बोलबाला था। वह संगीत, नृत्य, गायन व खेलों में हमेशा अव्वल आते थे। वह कॉलेज जाने के बाद इन सबके अभ्यास में अपना वक्त बिताते थे। रीना उन्हें देख-देखकर हमेशा सोचती कि भैया की मोहल्ले में सब लोग जितनी तारीफ करते हैं, काश, मेरी भी उतनी ही तारीफ होती। वैसे रीना की तारीफ होती तो थी, लेकिन केवल पढ़ाई के लिए। वह पढ़ाई में तो खूब होशियार थी, लेकिन कुछ और भी ऐसा करना चाहती थी, जिससे लोग उसके बड़े भैया की तरह उसकी भी तारीफ करें। नन्ही रीना के दोस्तों में कोई फैंसी ड्रेस के लिए तैयारी कर रहा था, कोई सोलो डांस के लिए। उसकी समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या करे? वैसे करने को तो बहुत कुछ था, पर वह सबसे अलग कुछ करना चाहती थी।  एक दिन वह उसी सोच-विचार में डूबी थी कि रीना के रॉनी भैया ने उसे देखा। उन्होंने प्यार से आकर अपनी  नन्ही बहन से पूछा कि वह इतनी उदास क्यों बैठी है? नन्ही रीना तो इसी का इंतजार कर रही थी, क्योंकि भैया को परेशान करने की उसकी हिम्मत नहीं होती थी। उसके भैया इंजीनियरिंग की तैय...

सौ रुपए का नोट

सयारा देर से सोई। देर से सोई, तो देर से उठी। देर से उठी, तो हर काम में देर होती चली गई। वह दौड़ते-दौड़ते स्कूल बस तक पहुंच गई। एक पल की और देरी हो जाती, तो बस छूट ही जाती। वह बस में चढ़ी ही थी कि रीमा बोली, “एक ही सीट बची है। आखिर वाली।” सयारा बस में सबसे पीछे वाली सीट पर बैठ गई। स्कूल गेट आया। बस रुकी, बच्चे उतरने लगे। सयारा को सबसे बाद में उतरना था। अचानक उसकी नजर एक सीट के नीचे पड़ी। वहां सौ रुपए का एक नोट मुड़ा-तुड़ा पड़ा था। सयारा ने झट से वह नोट उठा लिया। उसने वह नोट मुट्ठी में बंद कर लिया। वह क्लास में आ पहुंची। पलक झपकते ही उसने नोट अपने स्कूल बैग में रख लिया।  सुबह स्कूल में प्रार्थना सभा हुई। अब पहला पीरियड गणित का था। सयारा का मन पढ़ाई में नहीं लग रहा था। वह सोच रही थी, ‘इंटरवल में कोल्ड ड्रिंक पिऊंगी। दो समोसे भी खाऊंगी। दो पैकेट चिप्स के भी लूंगी, तब भी रुपए बच ही जाएंगे।’ जैसे-तैसे पहला पीरियड बीता। दूसरा पीरियड हिंदी का था। लेकिन सयारा तो इंटरवल का इंतजार कर रही थी। वह सोचने लगी, ‘आज तो मजा आ गया। सौ रुपए तो बहुत ज्यादा होते हैं। मुझे दो-तीन दिन घर का टिफिन...

"ज्ञान सोने से ज्यादा मूल्यवान है"

पोस्ट पढ़िए ज्ञान से ओवरलोडेड है।🤣 एक बैंक डकेती के दौरान डाकुओ ने कहा :" सभी अपने हाथो को ऊपर कर लो यह पैसा देश का है पर जान आपकी अपनी" यह है ब्रेन वाश करना डकैती के दौरान एक महिला बदहवास सी हो गयी तो डाकू बोला " सभ्यता का परिचय दो यह केवल डकेती है कोई बलात्कार नहीं" यह है प्रोफेशनल होना 20 लाख रुपए लूट कर जब घर गए तो छोटा वाला डाकू बोला आओ पैसे गिनते है तो बड़े वाले ने कहा : " कल न्यूज़ में आजायेगी गिनने की क्या ज़रुरत" यह है अनुभव लुटने के बाद बैंक मेनेजर ने खजांची को बुलाया और कहा :" रुक पुलिस बुलाने से पहले 10 लाख निकाल के मेरे साले को देदे" यह है बहती गंगा में हाथ साफ़ करना खजांची बोला : ओके एक करोड़ चोरी हुए है ऐसा लिखवाता हूँ अपने पिछले 70 लाख भी कवर हो जायेंगे यह है मौके पे चौका अगले दिन न्यूज़ में आया " सिटी बैंक में 1 करोड़ की डकेती" डाकूओ ने बार बार गिने लेकिन 20 लाख ही निकले डाकू बोले हमने जान पर खेल कर 20 कमाए मेनेजर ने एक झटके में 80। इसे कहते है "ज्ञान सोने से ज्यादा मूल्यवान है"