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Aamir Khan की बेटी इरा की बिकिनी फोटो देख यूजर ने लिखा 'कयामत...' |

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’11 साल तक कमरे में कैद कर किया दुष्कर्म’, साधु के चंगुल से भागी लड़की ने बताई दास्तान

’11 साल तक कमरे में कैद कर किया दुष्कर्म’, साधु के चंगुल से भागी लड़की ने बताई दास्तान लड़की के मुताबिक करीब एक महीने पहले यशपाल बाबा उसे एक मंदिर लेकर गया था और वो मंदिर के पास ही बने एक कमरे में रहता था। X पीड़ित लड़की ने यशपाल बाबा पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। सांकेतिक तस्वीर। ’11 साल तक कमरे में कैद कर किया दुष्कर्म’…यह आरोप है एक लड़की का जिसका कहना है कि एक साधु ने उसे बरसों पहले किडनैप कर लिया था और फिर उसे तरह-तरह की यातनाएं दी गईं। मामला हरियाणा के यमुनानगर का है। पीड़ित लड़की 11 साल बाद किसी तरह साधु के चंगुल से छूट कर भागी है और लड़की ने जो दास्तान सुनाई है उसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। पीड़ित लड़की ने बताया है कि यशपाल नाम का एक साधु 11 साल पहले उसे बाजार से उठा ले गया था। लड़की के मुताबिक साधु ने उसे एक कार में बैठाया था और फिर यूपी के बेहट की तरफ ले गया था। हाल ही में यह लड़की जब किसी तरह लौट कर अपने घऱ पहुंची तब उसके परिजन उसे देख कर हैरान रह गए। बताया जाता है कि 24 अगस्त 2009 को उसके परिजनों ने अपनी 17 साल की बेटी के लापता होने की एक रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई थी। गुमश...

क्या चीन की गलती के कारण दुनिया पर छाया महा संकट

क्या चीन की एक गलती के कारण दुनिया पर covid -19 जैसी महामारी का खतरा मंडरा रहा है l क्या चीन की गलती की सजा सभी देश मिलकर भुगत रहे हैं l चीन का वुहान शहर जहां से इस मामले की शुरुआत हुई थी l   हालांकि सच्चाई यह है कि covid -19  जैसे संक्रमित व्यक्तियों की संख्या को समय रहते कम किया जा सकता था अगर चीन ज्यादा पारदर्शी  होता तो समय रहते इस संक्रमण के बारे में सूचित कर देता तो शायद संक्रमण का फैलाव इतना ज्यादा नहीं होता l अमेरिकी मैगजीन नेशनल रिव्यू की मानें तो इसकी शुरुआत चीन के  एक शहर  वुहान से हुई थीl जहां पर चीन में संक्रमण का पहला मामला 1 दिसंबर को आता है तथा उसके बाद उस  संक्रमित व्यक्ति की पत्नी 5 दिन बाद बीमार हो जाती हैl तथा दिसंबर के दूसरे सप्ताह में फैले इस संक्रमण ने तो चीन को इतना बता दिया था कि यह बीमारी मनुष्य से मनुष्य में फैलती है lतो चीन ने फिर भी उसके प्रति कोई कदम क्यों नहीं उठाए l जहां पर डॉक्टर ली  वेन लियांग ने इस बीमारी को सभी प्रभावी  प्रकोप को पहले ही बता दिया था तो फिर भी चीन इस पर कदम क्यों नहीं उठाए चीन ने दिसंबर के अंतिम ...

रीना का दादा-दादी रॉक बैंड

रीना जहां रहती थी, वहां हर कोई दुर्गा पूजा के उत्सव की तैयारी में लगा था। रीना के बड़े भैया का तो बोलबाला था। वह संगीत, नृत्य, गायन व खेलों में हमेशा अव्वल आते थे। वह कॉलेज जाने के बाद इन सबके अभ्यास में अपना वक्त बिताते थे। रीना उन्हें देख-देखकर हमेशा सोचती कि भैया की मोहल्ले में सब लोग जितनी तारीफ करते हैं, काश, मेरी भी उतनी ही तारीफ होती। वैसे रीना की तारीफ होती तो थी, लेकिन केवल पढ़ाई के लिए। वह पढ़ाई में तो खूब होशियार थी, लेकिन कुछ और भी ऐसा करना चाहती थी, जिससे लोग उसके बड़े भैया की तरह उसकी भी तारीफ करें। नन्ही रीना के दोस्तों में कोई फैंसी ड्रेस के लिए तैयारी कर रहा था, कोई सोलो डांस के लिए। उसकी समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या करे? वैसे करने को तो बहुत कुछ था, पर वह सबसे अलग कुछ करना चाहती थी।  एक दिन वह उसी सोच-विचार में डूबी थी कि रीना के रॉनी भैया ने उसे देखा। उन्होंने प्यार से आकर अपनी  नन्ही बहन से पूछा कि वह इतनी उदास क्यों बैठी है? नन्ही रीना तो इसी का इंतजार कर रही थी, क्योंकि भैया को परेशान करने की उसकी हिम्मत नहीं होती थी। उसके भैया इंजीनियरिंग की तैय...

सौ रुपए का नोट

सयारा देर से सोई। देर से सोई, तो देर से उठी। देर से उठी, तो हर काम में देर होती चली गई। वह दौड़ते-दौड़ते स्कूल बस तक पहुंच गई। एक पल की और देरी हो जाती, तो बस छूट ही जाती। वह बस में चढ़ी ही थी कि रीमा बोली, “एक ही सीट बची है। आखिर वाली।” सयारा बस में सबसे पीछे वाली सीट पर बैठ गई। स्कूल गेट आया। बस रुकी, बच्चे उतरने लगे। सयारा को सबसे बाद में उतरना था। अचानक उसकी नजर एक सीट के नीचे पड़ी। वहां सौ रुपए का एक नोट मुड़ा-तुड़ा पड़ा था। सयारा ने झट से वह नोट उठा लिया। उसने वह नोट मुट्ठी में बंद कर लिया। वह क्लास में आ पहुंची। पलक झपकते ही उसने नोट अपने स्कूल बैग में रख लिया।  सुबह स्कूल में प्रार्थना सभा हुई। अब पहला पीरियड गणित का था। सयारा का मन पढ़ाई में नहीं लग रहा था। वह सोच रही थी, ‘इंटरवल में कोल्ड ड्रिंक पिऊंगी। दो समोसे भी खाऊंगी। दो पैकेट चिप्स के भी लूंगी, तब भी रुपए बच ही जाएंगे।’ जैसे-तैसे पहला पीरियड बीता। दूसरा पीरियड हिंदी का था। लेकिन सयारा तो इंटरवल का इंतजार कर रही थी। वह सोचने लगी, ‘आज तो मजा आ गया। सौ रुपए तो बहुत ज्यादा होते हैं। मुझे दो-तीन दिन घर का टिफिन...

"ज्ञान सोने से ज्यादा मूल्यवान है"

पोस्ट पढ़िए ज्ञान से ओवरलोडेड है।🤣 एक बैंक डकेती के दौरान डाकुओ ने कहा :" सभी अपने हाथो को ऊपर कर लो यह पैसा देश का है पर जान आपकी अपनी" यह है ब्रेन वाश करना डकैती के दौरान एक महिला बदहवास सी हो गयी तो डाकू बोला " सभ्यता का परिचय दो यह केवल डकेती है कोई बलात्कार नहीं" यह है प्रोफेशनल होना 20 लाख रुपए लूट कर जब घर गए तो छोटा वाला डाकू बोला आओ पैसे गिनते है तो बड़े वाले ने कहा : " कल न्यूज़ में आजायेगी गिनने की क्या ज़रुरत" यह है अनुभव लुटने के बाद बैंक मेनेजर ने खजांची को बुलाया और कहा :" रुक पुलिस बुलाने से पहले 10 लाख निकाल के मेरे साले को देदे" यह है बहती गंगा में हाथ साफ़ करना खजांची बोला : ओके एक करोड़ चोरी हुए है ऐसा लिखवाता हूँ अपने पिछले 70 लाख भी कवर हो जायेंगे यह है मौके पे चौका अगले दिन न्यूज़ में आया " सिटी बैंक में 1 करोड़ की डकेती" डाकूओ ने बार बार गिने लेकिन 20 लाख ही निकले डाकू बोले हमने जान पर खेल कर 20 कमाए मेनेजर ने एक झटके में 80। इसे कहते है "ज्ञान सोने से ज्यादा मूल्यवान है"
Nice story...  रोम में एक बहुत प्रसिद्ध लोहार हुआ। उसकी प्रसिद्धि सारी दुनिया में थी, क्योंकि वो जो भी बनाता था, वो चीज़ बेजोड़ होती थी। उस लोहार की दुकान पर बनी तलवार का कोई सानी न था। और उस लोहार की दुकान पर बने सामानों का सारे जगत में आदर था। दूर-दूर के बज़ारों में उसकी चीज़ें बिकती थीं, उसका नाम बिकता था। फिर रोम पर हमला हुआ। और रोम में जितने प्रतिष्‍ठित लोग थे, पकड़ लिए गए। रोम हार गया। वो लोहार भी पकड़ लिया गया। वो तो काफ़ी ख़्यातिलब्ध आदमी था। उसके बड़े कारख़ाने थे। और उसके पास बड़ी धन–सम्पत्‍ति थी, बड़ी प्रतिष्‍ठा थी। वो भी पकड़ लिया गया। तीस, रोम के प्रतिष्‍ठित, जो सर्वशक्‍तिशाली आदमी थे, उनको पकड़ के दुश्मनों ने ज़ंजीरों और बेड़ियों में बाँध के पहाड़ों में फेंक दिया, मरने के लिए। जो उनतीस थे, वो तो रो रहे थे, लेकिन वो लोहार शान्त था। आख़िर उन उनतीसों ने पूछा कि, “तुम शान्त हो, हमें फेंका जा रहा है, जंगली जानवरों को खाने के लिए!” उसने कहा, “फ़िकिर मत करो, मैं हूँ, मैं लोहार हूँ। ज़िन्दगी भर मैंने बेडियाँ और हथकड़ियाँ बनाई हैं, मैं खोलना भी जानता हूँ। तुम घबड़ाओ मत। एक दफ़ा इनको फें...